Sona Chandi Ka Bhav: ईद के मौके पर सोमवार, 31 मार्च 2025 को सोने की कीमतों में तेज़ी देखने को मिली है. 24 कैरेट गोल्ड का रेट ₹91,100 से ऊपर पहुंच गया है. जबकि 22 कैरेट सोना ₹83,500 के पार कारोबार कर रहा है. बीते शुक्रवार की तुलना में सोने की कीमतों में ₹200 प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी देखी गई. यह तेजी त्योहार के सीजन में सोने की मांग बढ़ने और वैश्विक कारणों से भी जुड़ी हुई है.
चांदी की कीमत में मामूली गिरावट, अब भी ₹1 लाख के करीब
जहां सोने की कीमत में बढ़ोतरी हुई है. वहीं चांदी की कीमत में मामूली गिरावट देखी गई है. 31 मार्च को चांदी ₹1,03,900 प्रति किलो पर ट्रेंड कर रही है. हालांकि बीते सप्ताह के मुकाबले यह थोड़ा कम है, लेकिन अभी भी यह एक ऊंचे स्तर पर बनी हुई है. चांदी में निवेश करने वाले लोगों को फिलहाल सतर्कता बरतनी चाहिए.
देश के बड़े शहरों में क्या है सोने का रेट?
अगर आप सोना खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो जानिए आपके शहर में सोने की आज की कीमत क्या है:
शहर का नाम | 22 कैरेट (₹/10 ग्राम) | 24 कैरेट (₹/10 ग्राम) |
---|---|---|
दिल्ली | ₹83,740 | ₹91,340 |
मुंबई | ₹83,590 | ₹91,190 |
चेन्नई | ₹83,590 | ₹91,190 |
कोलकाता | ₹83,590 | ₹91,190 |
इन दरों में हल्का-फुल्का फर्क स्थानीय ज्वेलर्स और टैक्स नीति के कारण आ सकता है.
सोने की कीमतों में क्यों आई तेजी?
सोने की कीमतों में आई बढ़ोतरी के पीछे कई अहम कारण हैं:
- अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता: दुनियाभर में जारी आर्थिक और राजनीतिक अस्थिरता (जैसे यूक्रेन संकट, मिडिल ईस्ट तनाव) के चलते निवेशक सुरक्षित विकल्प के तौर पर सोने को चुनते हैं.
- अमेरिकी डॉलर में उतार-चढ़ाव: डॉलर के मुकाबले रुपये की गिरावट से सोना महंगा हो जाता है.
- महंगाई की आशंका: भविष्य में महंगाई बढ़ने की संभावना को देखते हुए लोग निवेश को सोने की ओर मोड़ रहे हैं.
- केंद्रीय बैंकों की खरीदारी: कई देशों के केंद्रीय बैंक बड़े पैमाने पर सोना खरीद रहे हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय डिमांड में उछाल है.
भारत में कैसे तय होती है सोने की कीमत?
भारत में सोने के रेट तय करने में कई फैक्टर काम करते हैं:
- अंतरराष्ट्रीय बाज़ार का दाम: लंदन और न्यूयॉर्क जैसे वैश्विक बाज़ारों में सोने के रेट का सीधा असर भारत पर पड़ता है.
- सरकारी टैक्स और इम्पोर्ट ड्यूटी: भारत में सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी 12.5% और GST 3% लगता है. इनकी बढ़ोतरी से भी कीमत बढ़ती है.
- रुपये की कीमत: डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी भी सोने को महंगा कर देती है.
- त्योहारी और शादी का सीजन: भारत में पारंपरिक रूप से सोने की मांग त्योहार और शादी में बहुत अधिक होती है. जिससे कीमत में तेजी आती है.
सोने में निवेश का सही समय है या नहीं?
त्योहारी सीजन में सोने में निवेश करने के इच्छुक लोगों के लिए यह समय थोड़ा महंगा जरूर है. लेकिन अगर लॉन्ग टर्म निवेश की सोच रहे हैं तो यह अभी भी एक सुरक्षित विकल्प है. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक घटनाएं और आर्थिक अनिश्चितताएं भविष्य में सोने के भाव को और ऊपर ले जा सकती हैं.
क्या सोना पहुंच सकता है ₹1 लाख प्रति 10 ग्राम के पार?
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि यदि मौजूदा वैश्विक स्थितियां बनी रहती हैं और डॉलर में कमजोरी आती है, तो अगले कुछ महीनों में सोने की कीमत ₹1 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती है. हालांकि इसके लिए कई और कारकों पर नजर रखनी होगी.