सरसों उत्पादक किसानों के लिए आई खुशखबरी, सीएम सैनी ने किया बड़ा ऐलान Mustard Farmers

Mustard Farmers: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य के सरसों उत्पादक किसानों को एक बड़ी राहत देने वाला ऐलान किया है. उन्होंने बताया कि सरकार ने कुरुक्षेत्र में एक बड़ी ऑयल मिल, और रेवाड़ी व नारनौल में एशिया की सबसे बड़ी ऑयल मिल स्थापित करने की योजना तैयार कर ली है. यह परियोजना अब जल्द ही जमीन पर दिखाई देगी. इस फैसले से न सिर्फ लाखों किसानों को सीधा फायदा मिलेगा. बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी.

मन की बात कार्यक्रम के दौरान सामने आई योजना

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी रविवार को गांव समानी में आयोजित मन की बात कार्यक्रम के अवसर पर बोल रहे थे. उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार किसानों की समस्याओं और उनके उत्पादन की सही कीमत सुनिश्चित करने को लेकर गंभीर है. इसी सोच के तहत यह योजना बनाई गई है ताकि सरसों की फसल का पूरा लाभ किसानों को मिल सके और उन्हें अपने उत्पाद की बिक्री को लेकर कोई चिंता न करनी पड़े.

ऑयल मिल परियोजना से किसानों को कैसे मिलेगा फायदा?

सरकार द्वारा लगाई जा रही इन ऑयल मिलों से सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि किसानों की सरसों की फसल अब एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर खरीदी जाएगी. यानी किसान को फसल के लिए बाजार पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, न ही बिचौलियों से ठगे जाने का डर रहेगा. मिलें लगने के बाद किसानों को एक स्थायी और सुरक्षित बाजार मिलेगा जो उनकी आय को स्थिर और बेहतर बनाएगा.

हरियाणा बना देश का पहला राज्य जहां सभी फसलें MSP पर खरीदी जा रही हैं

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर यह भी कहा कि हरियाणा देश का पहला ऐसा राज्य है जहां किसानों की सभी फसलें एमएसपी पर खरीदी जा रही हैं. केंद्र सरकार द्वारा घोषित एमएसपी के अनुसार राज्य में गेहूं, धान, बाजरा, सरसों, मूंग, सूरजमुखी जैसी तमाम फसलों की सरकारी खरीद की जाती है. अब सरसों के लिए नई ऑयल मिलों के साथ इस व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा.

कुरुक्षेत्र में बनेगी बड़ी ऑयल मिल

सरकार ने फैसला लिया है कि कुरुक्षेत्र जिले में एक विशाल ऑयल मिल लगाई जाएगी. यह मिल सरसों उत्पादक किसानों की प्रमुख जरूरत को ध्यान में रखते हुए तैयार की जा रही है. इस मिल के चालू होने से इस क्षेत्र के किसानों को फसल बेचने के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा. उनकी उपज का मूल्य वहीं पर उचित दर पर मिल सकेगा.

रेवाड़ी और नारनौल में एशिया की सबसे बड़ी ऑयल मिल

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार की योजना है कि रेवाड़ी और नारनौल में एशिया की सबसे बड़ी ऑयल मिल स्थापित की जाए. यह मिल अत्याधुनिक तकनीक से लैस होगी और इसमें रोजाना हजारों क्विंटल सरसों की प्रोसेसिंग की जा सकेगी. इस परियोजना के माध्यम से न केवल स्थानीय किसानों को सीधा फायदा होगा, बल्कि यहां रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे.

क्या है सरसों उत्पादन की स्थिति हरियाणा में?

हरियाणा एक कृषिप्रधान राज्य है और सरसों यहां की एक मुख्य तिलहन फसल मानी जाती है. दक्षिणी और पश्चिमी हरियाणा के जिलों जैसे महेन्द्रगढ़, भिवानी, हिसार, रेवाड़ी, नारनौल और झज्जर में बड़ी मात्रा में सरसों की खेती होती है. लेकिन किसानों को अभी तक फसल बेचने में अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. अब ऑयल मिल बनने से यह परेशानी दूर होगी.

किसानों की आर्थिक स्थिति होगी मजबूत

सरकार का मानना है कि किसानों को केवल उगाने तक ही सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें मंडी, प्रोसेसिंग और मार्केटिंग से जोड़कर उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत की जाए. यही वजह है कि सरकार अब फसल के साथ-साथ प्रोसेसिंग यूनिट्स पर भी निवेश कर रही है, ताकि किसान अपनी उपज से अधिकतम लाभ कमा सकें.

किसानों को मिलेगी पूरी पारदर्शिता और समय पर भुगतान

सरकारी ऑयल मिलों की एक बड़ी खासियत यह होगी कि यहां पर किसानों को पूरी पारदर्शिता के साथ उनकी फसल का वजन, रेट और भुगतान मिलेगा. सरकार की नीति है कि किसान को उसकी फसल का समय पर पूरा भुगतान हो, जिससे उसे किसी तरह की आर्थिक परेशानी न हो. इसके लिए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) का भी इस्तेमाल किया जाएगा.

रोजगार और ग्रामीण विकास को मिलेगा बल

इन ऑयल मिल परियोजनाओं से केवल किसान ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र को फायदा होगा. मिलों की स्थापना से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा, ट्रांसपोर्ट, स्टोरेज, पैकेजिंग जैसी गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी. इसके अलावा आसपास के बाजार भी सक्रिय होंगे और विकास की रफ्तार तेज होगी.

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