स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियों को लेकर शेड्यूल जारी, इस दिन से शुरू होगी समर वेकेशन School Summer Vacation

School Summer Vacation: हिमाचल प्रदेश की सरकार ने स्कूलों में छुट्टियों को लेकर नया संशोधित शेड्यूल जारी कर दिया है. अब राज्य के समर वैकेशन स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां 12 जुलाई से 12 अगस्त तक दी जाएंगी. पहले यह अवकाश 22 जून से 29 जुलाई तक 38 दिनों का होता था. जिसे अब घटाकर 32 दिन कर दिया गया है. शिक्षा विभाग का कहना है कि ये बदलाव शैक्षणिक सत्र की निरंतरता और मौसम की स्थिति को देखते हुए किए गए हैं.

अप्रैल की छुट्टियों में हुआ बदलाव

संशोधित शेड्यूल के अनुसार पहले अप्रैल में दी जाने वाली चार छुट्टियों को अब समर ब्रेक में समाहित कर दिया गया है. इसके तहत अब बच्चों को 1 जून से 8 जून तक छुट्टी दी जाएगी. इसका मकसद यह है कि भीषण गर्मी के दौरान बच्चों को राहत दी जा सके और स्कूलों में पठन-पाठन गतिविधियों पर असर न पड़े.

विंटर ब्रेक भी बदला, अब 1 से 8 जनवरी तक

इस बार विंटर वैकेशन स्कूलों में भी बदलाव किया गया है. पहले जहां लोहड़ी के आसपास छह दिन की छुट्टी दी जाती थी. वहीं अब इन स्कूलों में 1 से 8 जनवरी तक सात दिन की विंटर ब्रेक होगी. शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने अधिकारियों के साथ बैठक के बाद यह निर्णय लिया कि कैलेंडर में इस तरह के संशोधन से शिक्षण प्रक्रिया की गुणवत्ता बेहतर हो सकेगी.

सीमांत क्षेत्रों और विशेष जिलों के लिए अलग शेड्यूल

सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि भौगोलिक परिस्थितियों और जलवायु के अनुसार छुट्टियों की व्यवस्था अलग-अलग की जाए. उदाहरण के तौर पर नालागढ़, फतेहपुर, नगरोटा सूरियां, इंदौरा, पौंटा साहिब, कालाअंब और ऊना जिले के स्कूलों में 1 से 30 जून तक समर वैकेशन होगी. यहां मानसून ब्रेक 3 से 12 अगस्त तक, फेस्टिवल ब्रेक दीवाली के आसपास चार दिन और विंटर ब्रेक 1 से 8 जनवरी तक होगी.

कुल्लू जिले के स्कूलों में दशहरे की भी छुट्टी

कुल्लू जिले में समर और विंटर क्लोजिंग स्कूलों का अलग वैकेशन शेड्यूल रखा गया है. यहां मानसून ब्रेक 20 जुलाई से 12 अगस्त तक होगी. जबकि विंटर ब्रेक 1 से 14 जनवरी तक दी जाएगी. कुल्लू के खास धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को देखते हुए दशहरे पर 8 दिन की छुट्टी और दीवाली पर चार दिन की छुट्टी तय की गई है.

विंटर वैकेशन स्कूलों के लिए अलग समयसारणी

राज्य के विंटर वैकेशन स्कूल जो अधिकतर हाई पहाड़ी और बर्फबारी वाले क्षेत्रों में हैं. उनमें विंटर ब्रेक 1 जनवरी से 11 फरवरी तक होगी. इन स्कूलों में मानसून ब्रेक 7 से 12 अगस्त तक रहेगा और दीवाली के समय चार दिन का फेस्टिवल ब्रेक दिया जाएगा. इस वैकेशन प्लान को किन्नौर, पांगी, भरमौर और चंबा जैसे जनजातीय क्षेत्रों में लागू किया जाएगा.

शिक्षा मंत्री ने क्यों लिया यह फैसला?

शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि शैक्षणिक सत्र के दौरान लगातार अवकाश के चलते बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ता है. इसके अलावा मौसम और सुरक्षा की दृष्टि से छुट्टियों की सही समय पर घोषणा जरूरी है. इसी वजह से समय रहते संशोधित कैलेंडर जारी किया गया है ताकि स्कूल समय पर पाठ्यक्रम पूरा कर सकें और किसी आपातकाल की स्थिति में भी लचीलापन बना रहे.

Leave a Comment